एक कलाकार के कमरे से
गायब हुये सामानों
कि सुची-
एकांत,
अवसाद,
दिन के उजाले मे
रात सा अन्धकार,
आधी फुकी सिगरेटों से भरा
एश-र्टे,
दिवारों पर लिखी
अधुरी कविताएं,
और
और.....
ऐसा बहुत कुछ
जो रगींन कल्पनाओ मे
घुला चारदिवारों से
टकराता
हिलोरे लेता
तैरता रहता था।
गायब हुये सामानों
कि सुची-
एकांत,
अवसाद,
दिन के उजाले मे
रात सा अन्धकार,
आधी फुकी सिगरेटों से भरा
एश-र्टे,
दिवारों पर लिखी
अधुरी कविताएं,
और
और.....
ऐसा बहुत कुछ
जो रगींन कल्पनाओ मे
घुला चारदिवारों से
टकराता
हिलोरे लेता
तैरता रहता था।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें